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Admin / Fri, May 8, 2026 / Post views : 5
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जगह बनाई है। पार्टी ने दशकों से राजनीति में प्रभाव रखने वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को पीछे छोड़ दिया है। पार्टी अभी भी बहुमत के आंकड़े से पीछे है, जिससे सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। हालिया चुनाव परिणामों में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने के बाद गठबंधन की संख्या 113 तक पहुंचती है, लेकिन विजय द्वारा अपनी दो जीती हुई सीटों में से एक छोड़ने के बाद यह आंकड़ा 112 रह जाएगा। ऐसे में सरकार गठन के लिए पार्टी को अभी भी पांच से छह विधायकों के अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है।
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने गुरुवार को विजय को लोक भवन बुलाया। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि अभी तक टीवीके के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन का प्रमाण नहीं है।
राजभवन की ओर से विजय से उन विधायकों की सूची और समर्थन संबंधी विवरण मांगा गया है, जिनके आधार पर पार्टी सरकार बनाने का दावा पेश कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि विजय को सत्ता से दूर रखने के लिए डीएमके और AIADMK के बीच नई राजनीतिक समझ बन सकती है।
सूत्रों के मुताबिक कार्यवाहक मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पार्टी विधायकों को बताया है कि एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सरकार गठन में समर्थन की पेशकश की है। बताया जा रहा है कि ईपीएस ने शुक्रवार को राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा है।
राजनीतिक चर्चाओं के बीच यह भी कहा जा रहा है कि यदि डीएमके या एआईएडीएमके सरकार बनाने की कोशिश करते हैं, तो विजय अपने 108 विधायकों के सामूहिक इस्तीफे जैसा बड़ा कदम उठा सकते हैं। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
टीवीके के सहयोगी दलों और वामपंथी नेताओं ने राज्यपाल के रुख पर सवाल उठाए हैं। वीसीके नेता थोल थिरुमावलवन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं और विजय को संवैधानिक अधिकार मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को सरकार बनाने का पहला अवसर मिलना चाहिए और विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए।
तमिलनाडु में सरकार गठन के इस समीकरण में अब छोटी पार्टियों की भूमिका बेहद अहम हो गई है। बताया जा रहा है कि एम.के. स्टालिन ने वीसीके और वामपंथी दलों के नेताओं के साथ बैठक की है। इन दलों के पास कुल छह विधायक हैं।
थोल थिरुमावलवन ने पुष्टि की कि विजय ने भी सरकार गठन को लेकर उनसे संपर्क किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी प्रक्रिया और अन्य राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
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